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मुसलामानों के वन्देमातरम न गाने से देश खतरे में.. क्या है खतरा ?

टेलीविज़न पर जोरशोर के साथ चल रही बहस मुसलमानों के ‘वन्देमातरम’ न गाने का कारण हम ढूंढने की कोशिश किये है, हो सकता है कि इन कारणों से मुसलमान ‘वन्देमातरम’ गाने से कतराते हो. आप नहीं जानते होंगे जान लीजिये आज ,नहीं बाद में मत कहना.वन्देमातरम न गाने के एक नहीं पूरे के पूरे दस कारण है. इन कारणों से डरा हुआ मुसलमान धोखे से भी वन्देमातरम गाने का सोचे तो बड़ी अनहोनी हो सकती है.

 

ये है मुसलमानों के ‘वन्देमातरम’ न गाने के दस कारण –

 

१- मुसलमान सिर्फ अल्लाह की आराधना करता है, अल्लाह के अलावा किसी और की आराधना करना इस्लाम के खिलाफ है. इसका मतलब यह नहीं है कि देशद्रोही है बल्कि, देश से प्रेम है लेकिन आराधना एवं वंदना अल्लाह के अलावा किसी और का किया तो इस्लाम के खिलाफ होगा.

 

२- यदि मुसलमान वन्देमातरम गाना शुरू किया तो भारत का सबसे बड़ा काम चुटकी में हल हो जायेगा. मतलब भारत में भूखमरी और गरीबी का नामोंनिशान मिट जायेगा. मौते काम होगी तो हिन्दू आबादी में इजाफा होगा.

 

३- वन्देमातरम गाने से अचानक २ करोड़ रोजगार भारत में हर साल पैदा होने लगेगा . जिससे हर बेरोजगार को रोजगार मिलने की बड़ी घटना घटित हो सकती है, फलस्वरूप हिन्दू युवा आर्थिक रूप से मजबूत हो जायेगा, जो मुसलमान कभी नहीं चाहता.

 

४- मुसलमान के वन्देमातरम गाने के लिए सिर्फ सोचने मात्र से किसानो की आत्महत्या बारह हजार प्रतिवर्ष से कम होकर बारह सौ पर आ जाएगी, ज्यादातर किसान हिन्दू है. किसान खुश रहे, जिन्दा रहे ऐसा मुसलमान नहीं देखना चाहता.

 

५- और हाँ मुसलमान कसाई हो तो और नहीं गाएगा’ वन्देमातरम’. क्यों कि ये वन्देमातरम गाया तो पूरे देश में गौमांस को बैन करना पड़ेगा. जिसका नुक्सान गोवा और मेघालय राज्य सरकारों को उठाना पड़ेगा, फलस्वरूप दूसरे राज्यों में गौरक्षा के नाम पर मुसलामानों कि कुटाई चालू हो जाएगी. और कुटाई से तो सब डरते है, मै भी.

 

६- एनडीटीवी पर चलाई जा रही यूनिवर्सिटी सीरीज को भी मुसलमानों का सहयोग है वर्ना एक बार मदरसे में वन्देमातरम मुसलमान गा देते तो, आज किसी भी यूनिवर्सिटी, विद्यालय में प्रोफेसरों की कमी न रहती. और ना ही रविश कुमार को प्राइम टाइम में भारत के यूनिवर्सिटी, कालेजों की पोल खोलने का मौका मिलता. जिसके कारण ज्यादातर हिन्दू कालेजों की बदनामी हुई है.

 

७- इधर मुसलमान ने वन्देमातरम गाया, उधर स्वचालित मशीनो द्वारा तुरंत अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण कार्य शुरू हो जायेगा, जिससे बाबरी मस्जिद बनाने के सपने में खटाई पड़ सकती है.और तो और जिंदगी भर मुसलामानों को भारत में रहकर नमाज पढ़ने के बजाय कीर्तन से गुजारा करना पड़ेगा.

 

८- आज भी भारत में गरीबी के कारण प्रतिवर्ष ढाई हजार लोग, बेरोजगारी के कारण लगभग अट्ठारह सौ युवा प्रतिवर्ष आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेते हैं. यदि मुसलमान ने वन्देमातरम गाया तो सभी का पेट भरना, सभी को रोजगार मिलना शुरू हो जायेगा.जिससे बहुसंख्यक हिन्दू को ज्यादा फायदा मिलेगा इसलिए, मुसलमान अपने हाथों अपना भविष्य ख़राब नहीं करेगा.

 

९- सबसे बड़ा कारण मुसलमान के वन्देमातरम गाने मात्र से भारत के तीन चार संगठन रोड पर आ जायेंगे, क्यों की सिर्फ वन्देमातरम बोलकर मुसलमान देशभक्त हो जायेगा तो कथित राष्ट्रवादी संगठनों के दस करोड़ कार्यकर्ता, कई इकाइयां, गौरक्षादल का काम ख़तम हो जायेगा, और ये भी अपने परिवार समाज में ध्यान देने लगेंगे प्यार बाटने का काम करने लगेंगे जिससे इनके परिवारों में खुशहाली आएगी, हिन्दू समाज एक नयी विकास की दिशा में बढ़ने लगेगा, जो मुसलमान को फ़ूटीआँख नहीं सोहायेगा.

 

१०- और ये रहा आखिरी कारण वन्देमातरम ना गाने का. २०१७ में सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की कमी ने आतंक मचाया. अभी भी कई राज्यों से ऑक्सीजन की कमी के कारण बच्चों के मरने की ख़बरें आ रही है.यदि मुसलमान धोखे से भी अस्पताल में पहुंचकर वन्देमातरम गा दिया…अहा हा फिर क्या पूछना, भविष्य में कोई भी बच्चा ऑक्सीजन की कमी से अस्पताल में नहीं मरेगा. जिससे हिन्दू आबादी बढ़ेगी और, फिर मुसलमान के लिए खतरा बनेगा,इसलिए कभी भी मुसलमान वन्देमातरम गाकर अपने लिए खतरा मोल नहीं लेगा.

मेरी अपनी निजी राय है. किसी भी समुदाय को ठेस पहुँचाने के लिए नहीं बल्कि राजनीती का असली चेहरा प्रदर्शित करने के उद्देश्य से लिखा हु, बुरा लगे तो आप कमेंट बॉक्स में कोस दीजिये. अच्छा लगे तो आगे बढ़ाएं मतलब शेयर करें. भाईचारा बढ़ाते हुए देश प्रेम करें ढोंग नहीं.

 

धन्यवाद शेयर भी कर दीजिये ताकि मुसलामानों के वन्देमातरम ना गाने के कारण को और भी लोग समझ सके…..

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